चूत चुदाई चंदा रानी की

‘ठीक है मैं भी ट्राइ करूँगी… पर तेरे रस से करूँगी… अपने उस चूतिए पति के वीर्य से नहीं !’ चंदरानी ने कहा।
‘क्यों? उसके लंड म़ें कांटे लगे हैं क्या?’ मैंने पूछा।
‘बस मेरा जी नहीं मानता… वह इश्क़ लड़ाने के बाद अपना लंड साबुन से साफ करता है… जैसे किसी गंदी चीज़ से छू गया हो… कभी मेरी योनि नहीं चूसता… ऐसा दिखाता है कोई गंदी वस्तु है… फिर मैं क्यों उसका वीर्य पीऊँ या मुंह पर मलूँ… क्यों ठीक है या नहीं?’ चंदा रानी अपने नालायक पति से बहुत नाराज़ थी।
साला गांडू ! इतनी सुन्दर औरत!! मादरचोद इसकी बुर नहीं चूसेगा तो बदनसीब है!!! चूत नहीं चूसता ! मेरा बस चले तो घंटों चंदा रानी की चूत चूसता रहूँ !
‘चल… मां चुदवाने दे उस हरामी को… तू अब खड़ी हो जा ताकि मैं तुझे अच्छे से निहार सकूं !’
चंदा रानी खड़ी हो गई, मादरजात नंगी !
खड़ी होकर उसने बिल्कुल फिल्मी लड़कियों की तरह अंगडाई सी लेते हुए का पोज़ बनाया, फूली हुई दूध से भरी चूचियाँ अपने निप्पल सीधे सामने की ओर निशाना साधे मेरे तन बदन में ज्वाला भड़काये जा रही थी।
वह एक जन्नत से उतरी हुई अप्सरा लग रही थी ! क्या बदन था ! उसका अंग अंग बेहद खूबसूरत था ! कामुकता चंदा रानी के रोम रोम से टपक रही थी।
उसने शरारत से एक चूची का निप्पल दबाया और दूध क़ी एक छोटी सी धार मेरे मुंह की तरफ मारी।
अब तक तो मेरा लंड फिर से अकड़ने लगा था। अबकी बार उसने दूध क़ी एक बौछार मेरे खड़े लौड़े क़ी ऊपर मारी।
मेरा लंड पूरा अकड़ चुका था, उस बला की सेक्सी औरत को निहारते हुए !
अभी तो उसने सिर्फ लंड चूसा था जिसमें उसने बेतहाशा मज़ा दिया, जब चुदेगी तो क्या हाल होगा !
मैंने हाथ बढ़ा के चंदा रानी को अपनी तरफ खींच लिया, मैं उसे सिर से पैर तक चूसना और चाटना चाहता था, मैं उसकी चूत का रस पीना चाहता था।
सबसे पहले मैंने उसके सुन्दर, मुलायम पैरों को चाटा, दोनों अंगूठे और आठों उंगलियाँ मुंह में लेकर चूसीं। इतना मज़ा आ रहा था जिसका कोई हिसाब नहीं।
उसने भी आनन्द लेते हुए हल्की हल्की सीत्कार भरनी शुरू कर दी।
उन खूबसूरत, दिलकश टांगों को चाटता, चूमता, हाथ फेरता हुआ मैं उसकी चूत तक जा पहुंचा, टांगें चौड़ी कर पहले तो मैंने उसके यौन प्रदेश को बड़े प्यार से निहारा, उसकी गहरे भूरे रंग की घनी झांटें मानो मुझे न्योता दे रही थीं।
मैंने अपनी नाक उन झांटो में रगड़ी तो चंदा रानी ने मज़े में एक गहरी सिसकी ली।
साफ दिख रहा था कि उसकी उत्तेजना बढ़े जा रही थी, उसके बदन ने धीरे धीरे मचलना भी शुरू कर दिया था।
गोरी, गुलाबी और बेहद दिलकश, रस से तर चूत के होंठ चौड़े कर के मैंने अपनी जीभ इधर उधर घुमाई तो उसके बदन में एकदम से हलचल सी मच गई- हाय…राजे… हाय… अब और न तड़पाओ…

उसने मुंह भींच कर बड़ी मुश्किल से आवाज़ निकाली और फिर एक गहरी सीत्कार भरी।
मैंने जल्दी से जीभ उसकी चूत में घुसाई, चूत लबालब रस से भरी हुई थी।
जीभ घुसाते ही ढेर सारा चूत रस मेरे मुंह में आ गया, उसकी चूत जैसे चू रही थी, चंदा रानी की जाँघें भी भीग गई थीं उसके रस के बहाव से !
साफ दिख रहा था था कि चन्दारानी बेहद उत्तेजित हो चुकी थी और चूदाने को बिल्कुल तैयार थी।
मैंने हुमक हुमक के उस सुहानी चूत को पीना शुरू कर दिया। चंदा रानी अब तड़पने लगी थी, उसके गले से भिंची भिंची सी सीत्कार निकल रही थी, वह अपनी टांगें कभी इधर कभी उधर कर रही थी, चूत बराबर लप लप कर रही थी और रस उगले जा रही थी।
मेरा लंड अब फटने की हालत में हो रहा था।
चंदा रानी भी बेकाबू हो गई थी।
यकायक उसने दोनों टांगें इतनी ज़ोर से भींचीं कि मेरी सांस ही रुक गई, फिर भी मैंने जीभ चूत से बाहर न निकाली।
‘बस राजे…बस… अब नहीं सहन होता… राजे तुम्हारे हाथ जोड़ती हूँ… अब और न तरसाओ… बस आ जाओ फ़ौरन… हाय अम्मा, मैं मर जाऊँ…हाँ..हाँ…हाँ…’
इसके साथ ही वह झड़ गई और बहुत ज़ोर से झड़ी, उसने आठ दस बार अपनी टांगें भींचीं और खोलीं, रस की फुहार चूत से बह चली। मैं सब का सब पीता गया, क्या गज़ब का स्वाद था उस चिकने चूतामृत का !
मैंने उठ कर चंदा रानी को घसीट कर बिस्तर पर डाल दिया और उसकी टांगें चौडी कर दीं।
मैं अब धधकता हुआ लौड़ा घुसेड़ने को तैयार था।
तभी चंदा रानी ने मुझे रुकने का इशारा किया, उसने उठ कर मेरी छाती पर दोनों हाथ रख के मुझे लिटा दिया और ख़ुद मेरे ऊपर चढ़ गई, अपने घुटने मेरी जाँघों के दोनों साइड में टिकाकर उसने चूत को ऐन लौड़े के ऊपर सेट किया और धीरे धीरे नीचे होना शुरू किया। लंड अंदर घुसता चला गया।
अभी आधा लंड ही घुसा था कि चंदा रानी ने वापस चूत को ऊपर उठाकर लंड को बाहर किया, सिर्फ सुपारी अंदर रहने दी।
‘राजे…ए…ए…ए…’ आवाज़ लगते हुए वह धड़ाक से लौड़े पर बैठ गई।
लंड बड़ी तेज़ी से चूत में घुसता चला गया और धम्म से जाकर उसकी बच्चेदानी के निचले भाग से टकराया।
एक बार तो उसकी चीत्कार सुन कर मैं डरा कि कहीं बच्चेदानी फट न गई हो लेकिन वो तो दर्द की नहीं बल्कि मज़े की चीत्कार थी।
उसकी चूत एक बार मां बनने के बद भी काफी कसी थी। एक बिना बालक जने लड़की की बुर जैसी कसी तो नहीं लेकिन मेरे लंड को ठीक ही जकड़े हुए थी।
चंदा रानी ने कमर आगे की तरफ झुकाते हुए खुद को मेरे से चिपका लिया, उसका सिर मेरी ठुड्डी पर टिका था और चूचे मेरी छाती को दबा रहे थे, दबाव से दूध निकल निकल कर मेरी छाती को भिगोये जा रहा था।
लंड चूत के अन्दर चूत के ऊपरी भाग को कस के दबा रहा था जिससे भग्नासा अच्छे से दब दब के उसे बेइंतिहा मज़ा दे रही थी।
चंदा रानी ने अपने को थोड़ा और आगे सरकाया, उसका मुंह बिल्कुल मेरे मुंह पर आ गया, चूत भी थोड़ी सी आगे सरकी तो लंड और भी कस के चूत में फंस गया।
अब भग्नासा पर लंड का पूरा दबाब था।
मेरे होंठ चूसते हुए चंदा रानी मेरे कानों में फुसफसाई- राजे तू एक बार खलास हो चुका है और मैं भी, अब धीरे धीरे इश्क लड़ाएंगे… तू बस आराम से पड़ा चुदाई का मज़ा लूट… देख मैं तुझे जन्नत की सैर कराती हूँ।
इतना कह के चंदा रानी ने मेरे मुंह में जीभ घुसा के बहुत देर तक प्यार दिया।
उसका मुखरस पी पी के मैं तृप्त हुआ जा रहा था।
वो अपने चूतड़ अत्यंत ही धीरे धीरे घुमा रही थी, कभी वो कमर आगे करती, तो कभी पीछे, कभी कमर उछालती और कभी अचानक बड़े ज़ोर का धक्का मारती।
कभी वो पूरा का पूरा लंड बहर निकाल कर दुबारा चूत में धड़ाम से घुसाती और कभी वो सिर्फ चूत को लप लप करते हुए लंड को ज़बरदस्त मज़ा देती।
चंदा रानी वाकयी में चुदाई की अनिभवी खिलाड़िन थी। जब वो तेज़ तेज़ धक्के मारती, तो फचक…फचक…फच…फच…फच..फच की आवाज़ कमरे में गूंज उठती, अगर कोई बाहर खड़ा सुन रहा होता तो फौरन जान जाता कि यहाँ ज़ोरदार चुदाई चल रही है।
इसी तरह हम बहुत समय तक चोदते रहे, तेज़… बहुत तेज़… धीरे… बहुत धीरे… उसके नितम्ब कभी गोल गोल घुमाते हुए तो कभी दायें बायें हिलाते हुए… चुदाई धकाधक हुए जा रही थी।
‘राजे.. और दूध पियेगा? मेरा दिल कर रहा है तुझे चोदते चोदते दूध पिलाने का।’ चंदा रानी ने मेरे कान में कहा और फिर मस्ती में आकर मेरे कान को हौले से काट लिया।
उसका बदन बहुत गर्म हो गया था, ठरक से सराबोर उसका चेहरा लाल हो गया था और पसीने की छोटी छोटी बूँदें उसके माथे पे छलक आई थी।
‘अरे रानी…अंधा क्या चाहे दो आँखें !’ मैंने कहा।
सचमुच एक अति कामुक स्त्री का चुदाई करते हुए दूध पीने के ख्याल से ही मेरी ठरक बेतहाशा बढ़ गई थी।
यह मैंने पहले कभी नहीं किया था।
तुरन्त ही मैंने चंदा रानी को कंधों से पकड़ कर थोड़ा सा ऊपर उठाया और खुद उचक कर कोहनियों पर खुद को टिकाया।
दूध से भरे हुए, फूल के कुप्पा हुए उसके चूचे किसी भी मर्द के तन बदन को आग लगा सकते थे।
मैंने अपना मुंह खोल दिया पूरा पूरा !
चंदा रानी ने एक चूची मेरे मुंह में घुसा दी और दूसरी चूची की निप्पल उमेठने लगी।
मेरे मुंह में घुसी निप्पल उसकी चरम सीमा तक बढ़ी कामवासना के कारण बहुत सख्त हो चली थी, मैंने जैसे ही उसकी अकड़ी निप्पल पर जीभ घुमाई, एक हल्की सी चीख उसके गले से निकली, कराहते हुए बोली- कचूमर निकाल दे राजे… इस कम्बख्त चूची का… आज तो चटनी बना ही दे इसकी… हरमज़ादी ने जान खींच रखी है मेरी… हाँ राजा हाँ….पीस डाल..
मैंने तुरन्त निप्पल को कस के काटा और फिर अपने दाँत चूची में गाड़ दिये।
चंदा रानी ने चिहुंक के सीत्कार भरी।
दूध की धारा बह चली मेरे मुंह में !
मैंने दांत गाड़े रखे, चंदा रानी ठरक से पागल होकर अब बहुत तेज़ तेज़ धक्के मार रही थी।
मैंने पहली चूची छोड़ के दूसरी चूची में कस के दांत गाड़े।
काम वासना के आवेश में भरी हुई चंदा रानी अब हुमक हुमक के धक्के लगा रही थी, वो स्खलन से ज़्यादा दूर न थी।
दूध पीता, ज़बरदस्त चुदाई का मज़ा लूटता यह चूतनिवास भी तेज़ी से झड़ने की ओर बढ़ रहा था। फच फच फच फच की आवाज़ से कमर भर उठा, चंदा रानी अब बिजली की तेज़ी से अपनी कमर कुदा कुदा के धक्के मार रही थी, उसकी सांस फूल गई थी और गले से भिंची भिंची सीत्कार निकल रही थी।
उसका पूरा बदन तप गया था जैसे कि 104 का बुखार हो ! सारा शरीर पसीने से भीग गया था, मैं भी पसीने में लथपथ था।
चंदा रानी ने सिर्फ सुपारी चूत में छोड़कर, पूरा लंड बाहर निकाला और एक बहुत ही ताकतवर धक्का मारा, जिससे मेरा 8 इन्च का मोटा लौड़ा दनदनाता हुआ बुर में जा घुसा।
उसने अपने नाखून मेरे कंधों में गड़ा दिये और झर झर… झर झर… झड़ने लगी।
‘हाय हाय’ करते हुए फिर से आठ दस तगड़े धक्के मारे और हर धक्के में झड़े चली गई, उसके मुंह से सीत्कार पर सीत्कार निकल रहे थे, रस की फुहार चूत में बरस उठी, चंदा रानी बेहोश सी मेरे ऊपर ढेर हो गई।

यह कहानी भी पड़े  क्लास की हॉट लड़की की चुदाई

Pages: 1 2 3 4 5

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!

Online porn video at mobile phone


बहन को ट्रेन में चोदाकुँवारी चूत बुरी तरहpadosi ladki antervasna rajayiमम्मी की ब्लैक पंतय हिंदी सेक्स स्टोरीभाभीकीचुदाईहिन्दी मे उच्च स्वर मे चुदाईSex satory mom 2018hindiboobs.बूबस मोसिantervsna aunti or bhabhiboor se pesab sex storiesरेलगाडी मेँ माँ चूदाई दिन मेँJawan chut nadan landa to z sex hot story in hindi me phota ki sathoffice me sab chudti hainगाँव में नंगी औरतों को नंगा देखा नदी के किनारे सेक्स storiesजाआअहिंदी सेक्से दीदी की मोठे मोठे गण्डलड़की की चूतप्यारी बहू अंजू मस्ती की कहानीमॉ के कहने पर दीदी कोपापा के लुंड से मेरी सिल टूटी कहानीकुँवारा बदन चुदाई कहानीSomyadidi ko sex kya Hindi storyDost ke ma kud chude hindi storyसलवार का नाड़ा खींच लिया सेक्स कहानियांमोम नीचे का होंठ चूसना ः हिंदी सेक्स स्टोरीkamuktaGundo se lagatar chudai ki kahaniचोदने बाले बीडिओkuarichutमेरी चाहत, मेरी फ़ुफ़ेरी बहन की शादी में part 2Chudai ke liye actress chahiye photoबहन की चुदाई माँ के साथ चूत antrvasnaSaaS aur damad sex stories hindiphim sex pham bang bangबहन का आंग पर्दर्सन सेक्स स्टोरीज हिंदीविधवा भाभी की चुदाई की कहानीbubs dbane me kisko mja aata hसपना का बदला 2 sxsi khaniyaसेक्सी कहानिया ओडीयो हिदी बतैमौसि के साथ tran मै xxx कहानिKMLA.SEXXXXBiwikanangabadan.sareef larki sexy Kahaniइंडियन मम्मी बेटा की chudae गाँव में कहानी हिन्दी मेंसेक्सी कहानी लग्न बहनbaju vali ki malkin x kahaniMaa ki chut me icecream incest sex storyमेरे लण्ड के स्पर्श का अहसासछूटे की चुदाई अपने हाथ सेचुदभाभी के बुर का स्वाद कहानीअन्तर्वासना सेक्सी सफर कहनिया ट्रैन मईXXNXX COM. मेरी चूत कि चमड़ी चाटने लगा सेक्सी विडियों www.vargin porn vilage haryanachut kholo mujhe land dalna ha पडोस की भाभी की मोटी गाड की मालिशपड़ोस की भाभी को पता केर छोडा स्टोरीजचुदवाईपापा ने रात को चोदाचुदवाईnokrani ne 69 position me chusa xxx khaniSaaS aur damad sex stories hindiJawan chut nadan landदीदी ने मां को चुदवायाSali or uski saheli ko choda Hindi sex storiesदुकान मालकिन ने चोदना सिखाया.comसांस समीर हिंदी सेक्स कहानीनशिली आंटीया सेस्क स्टोरीXxx video 8salcmo 2018मौसि के साथ tran मै xxx कहानिsalma ne xhudwaya story